शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना

शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों को शादी करने पर प्रोत्साहन पुरस्कार योजना का संचालन वर्ष 1997 से विभाग द्वारा किया जा रहा है । इस योजना के अन्तर्गत दिव्यांगजनों कों शादी विवाह करने पर प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार प्रदान किया जाता हैं। इस पुरस्कार के अन्तर्गत दम्पत्ति में युवक के दिव्यांग होने की दशा में रू0 15,000/- युवती के दिव्यांग होने की दशा में रू0 20000/- तथा युवक व युवती दोनों के दिव्यांग होने की दशा में रू0 35,000/- की धनराशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाती हेै।

पात्रता व शर्ते
  • (क)- न्यूनतम् 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र
  • (ख)- दम्पति भारत का नागरिक हो, उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी हो या कम से कम 05 वर्ष से उसका अधिवासी हो।
  • (ग)- दम्पति में से कोई सदस्य किसी अपराधिक मामले में दण्डित न किया गया हो।
  • (घ)- दम्पति में युवती की आयु शादी के समय 18 वर्ष से कम व 45 वर्ष से अधिक न हो। युवक की आयु 21 वर्ष से कम व 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • (ड़)- दम्पति में कोई सदस्य आयकरदाता न हो।
  • (च)- विवाह का पंजीकरण किया गया हो।
  • (छ)- जिसके पास पूर्व से कोई जीवित पति या पत्नी न हो और उनके ऊपर महिला उत्पीड़न या अन्य आपराधिकवाद न चल रहा हो।
आवेदन की प्रक्रिया:-

लाभ पाने के लिए पात्र दिव्यांगजन को सर्वप्रथम http://divyangjan.upsdc.gov.in/ पर अपना आवेदन करना होता है, जिसके पश्चात जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के सत्यापनोपरान्त जिलाधिकारी के अनुमोदनोपरान्त पात्र दिव्यांगजन को इस पुरस्कार योजना से लाभान्वित किया जाता है।

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