वित्तीय वर्ष 2020-21 में विभाग के महत्वपूर्ण लक्ष्य

  • दिव्यांग पेंशन योजना के अन्तर्गत रू0 621.02 करोड़ की प्राविधानित धनराशि से लगभग 1033000 दिव्यांगजन को पेंशन दिए जाने का लक्ष्य है।
  • कुष्ठ रोग के कारण निःशक्तता के लिए रू0 30.00 करोड़ की प्राविधानित धनराशि से लगभग 10000 दिव्यांगजनों का पेंशन दिए जाने का लक्ष्य है।
  • निर्धन एवं असहाय दिव्यांग व्यक्तियों की निःशक्तता निवारण हेतु शल्य चिकित्सा के लिए रू0 620.00 लाख की प्राविधानित धनराशि से लगभग 7500 दिव्यांगजन को लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य है।
  • कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण अनुदान योजना में रू0 37.40 करोड़ रू0 के प्राविधान से लगभग 62300 दिव्यांग जन को लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य है।
  • शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार देने हेतु रू0 2.64 करोड़ की धनराशि से 1320 दम्पत्तियों को लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य है।
  • प्रदेश के विभिन्न जन उपयोगी सार्वजनिक कार्यालय/भवनों को चरणबद्वढंग से दिव्यांग जन हेतु सुगम्य बनाने एवं वहॉ बाधारहित वातारण सृजित कर दिव्यांगजन को आसान पहॅुच हेतु सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से सिपडा योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 हेतु रू0 500.00 करोड़ की धनराशि का पूंजीगत पक्ष में तथा राजस्व पक्ष में रु.0.01 लाख की धनराशि का प्राविधान किया गया है ।
  • मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रूग्ण निराश्रित दिव्यांगजन के लिए आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केन्द्र संचालित करने हेतु स्वैच्छिक संगठनों को सहायता प्रदान किये जाने हेतु कुल रू0 5.00 करोड़ का प्राविधान किया गया है।
  • डिसलेक्सिया व अटेंशन डैफिसिट एण्ड हाइपर एक्टिविटी सिन्ड्रोम से प्रभावित बच्चों की पहचान हेतु शिक्षकों को प्रशिक्षा दिये जाने हेतु रू0 20.00 लाख का प्राविधान किया गया है।
  • सभी मण्डल मुख्यालयों पर समेंकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना किये जाने के उद्देश्य से  नये समेकित विद्यालयों की स्थापना किये जाने हेतु कुल रू0 30.00 करोड़ का प्राविधानित है।
  • डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ में विशिष्ट स्टेडियम के निर्माण में हेतु रू0 900.00 लाख का प्राविधान है।
  • डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ में कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केन्द्र की स्थापना हेतु रू0 463.00 लाख का प्राविधान है।