दिव्यांगजन के पुनर्वासन हेतु दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना

दिव्यांगजन के पुनर्वासन हेतु दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना

1 पात्रता व शर्ते 40 प्रतिशत या उससे अधिक (मुख्य चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक द्वारा प्रदत्त प्रमाण-पत्र मान्य होगा)।
    समस्त श्रेणी के दिव्यांगजन व्यक्ति जो उत्तर प्रदेश के निवासी हो।
    ऐसे दिव्यांगजन जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक, किन्तु 60 वर्ष से अधिक न हो।
   
  • दिव्यांग मूल ऋण की वसूली, भुगतान के तीन माह बाद रू. 500/- प्रति त्रैमासिक किश्त की दर से तीस समान किश्तों में की जायेगी।
दिव्यांगजन जो किसी आपराधिक अथवा आर्थिक मामलों में सजा न पाये हो तथा उनके विरूद्ध किसी प्रकार की सरकारी धनराशि देय न हो।
    दिव्यांगजन के पास दुकान निर्माण हेतु स्वयं की 110 वर्ग फीट भूमि हो या अपने संस्त्रोतों से उक्त क्षेत्रफल की भूमि खरीदने/लेने में समर्थ हो।
    दिव्यांगजन द्वारा 05 वर्ष की अवधि का किरायेदारी का पट्टा कराया जाये उन्हें उपलब्ध दुकान संचालन हेतु (किराया एवं कार्यशील पूॅजी)
2 दुकान निर्माण/क्रय/किराये पर लिये जाने के लिए स्थल का चयन नगरीय क्षेत्र - ऐसा स्थान जहाॅ पर व्यापार अथवा व्यवसाय चलने की पूर्ण सम्भावना हो।
ग्रामीण क्षेत्र - ऐसा स्थान जहाॅ आवगमन की आसान सुविधा हो एवं व्यापार अथवा व्यवसाय चलने की पूर्ण सम्भावना हो।
3 आय दिव्यांगजन जन जिनकी वार्षिक आय समय-समय पर शासन द्वारा गरीबी रेखा के लिए निर्धारित आय सीमा के दोगुने से अधिक न हो।
4 दर दुकान निर्माण हेतु रू. 20,000/- एवं दुकान/खोखा/गुमटी/हाथ ठेला संचालन हेतु रू. 10,000/- की धनराशि प्रदान की जाती है।
  • रू. 20,000/- में रू. 15,000/- की धनराशि 4 प्रतिशत साधारण ब्याज पर ऋण के रूप में तथा रू. 5,000/- अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है।
  • इसी प्रकार रू. 10,000/- में रू. 7,500/- की धनराशि 4 प्रतिशत साधारण ब्याज पर ऋण के रूप में तथा रू. 2,500/- अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है।
5 आवेदन पत्र इस योजना अन्तर्गत दिव्यांगजन जन सुविधा केन्द्र/लोकवाणी के माध्यम से आॅन लाइन आवेदन कर सकते है तथा ई-आवेदन की अद्यतन् स्थिति भी प्राप्त की जा सकती है।
6 भुगतान की प्रक्रिया आवेदन-पत्र प्रथम आवक तथा प्रथम पावक के सिद्धान्त के आधार पर ही नियमानुसार स्वीकृत किये जायेगें तथा भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से उनके बैंक खाते में किया जायेगा।
7 ऋण की वसूली
  • दुकान निर्माण हेतु स्वीकृत मूल ऋण की वसूली, ऋण व अनुदान की सम्पूर्ण धनराशि के भुगतान के एक वर्ष बाद रू. 500/- प्रति त्रैमासिक किश्त की दर से तीस समान किश्तों में की जायेगी।
  • दुकान क्रय हेतु स्वीकृत मूल ऋण की वसूली, भुगतान के तीन माह बाद रू. 500/- प्रति त्रैमासिक किश्त की दर से तीस समान किश्तों में की जायेगी।
  • खोखा/गुमटी/हाथ ठेला क्रय हेतु स्वीकृत मूल ऋण की वसूली, भुगतान के तीन माह बाद रू. 250/- प्रति त्रैमासिक किश्त की दर से तीस समान किश्तों में की जायेगी।
  • दुकान के निर्माण/खोखा, गुमटी, हाथ ठेला क्रय हेतु स्वीकृत मूल ऋण की वसूली के बाद ब्याज की धनराशि वसूल की जायेगी। यह वसूली 24 समान मासिक किश्तों में की जायेगी। लाभार्थी ब्याज की सम्पूर्ण धनराशि को एक मुश्त भी अदा कर सकता है।

आगंतुक